ATS का बड़ा खुलासा: CDR लीक मामले में दो पुलिसकर्मी हिरासत में

Fri 10-Apr-2026,03:49 PM IST +05:30

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ATS का बड़ा खुलासा: CDR लीक मामले में दो पुलिसकर्मी हिरासत में ATS-CDR-Leak-Police-Indore-Investigation-Case
  • ATS ने CDR बेचने के शक में क्राइम ब्रांच के एएसआई और सिपाही को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

  • अवैध तरीके से कॉल डिटेल बेचने की आशंका, मामले में बड़े नेटवर्क और डेटा लीक का खुलासा संभव।

Delhi / Delhi :

Delhi/ शहर में एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस विभाग के भीतर कथित डेटा लीक के मामले का खुलासा किया है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) बेचने के शक में क्राइम ब्रांच के एक एएसआई और एक सिपाही को हिरासत में लिया गया है। यह मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

सूत्रों के अनुसार, ATS को एक निजी डिटेक्टिव एजेंसी के संचालक की कॉल डिटेल की जांच के दौरान कुछ संदिग्ध नंबर मिले थे। जांच में पाया गया कि ये नंबर पुलिस विभाग के कुछ कर्मियों से जुड़े हुए हैं। इसी आधार पर ATS ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एएसआई राम और सिपाही रविंद्र को हिरासत में लिया।

बताया जा रहा है कि एएसआई राम और सिपाही रविंद्र से ATS मुख्यालय में लगातार पूछताछ की जा रही है। दोनों के मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि दोनों पुलिसकर्मियों का डिटेक्टिव एजेंसी के संचालक मुकेश तोमर से संपर्क था।

सूत्रों के मुताबिक, एएसआई राम एक अन्य सिपाही कन्हैया के साथ किसी मामले में महाराष्ट्र जा रहे थे, तभी ATS ने उनकी टावर लोकेशन ट्रेस कर उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। वहीं सिपाही रविंद्र को उसके घर से हिरासत में लिया गया। इस पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस नेटवर्क के जरिए आम लोगों की निजी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) अवैध रूप से इकट्ठा कर मोटी रकम में बेचे जा रहे थे। इस तरह की गतिविधियां न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि नागरिकों की निजता और सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा हैं।

इस मामले ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और डेटा सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह एक बड़ा साइबर और सुरक्षा उल्लंघन हो सकता है।

ATS अब इस पूरे रैकेट की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर जल्द ही और खुलासे हो सकते हैं।

फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। यह घटना कानून व्यवस्था और गोपनीयता के लिहाज से बेहद गंभीर मानी जा रही है।